हिन्दू धर्म वर्तमान राजनैतिक परिपेक्ष में


सामूहिक बलात्कार के विषय पर अब नेताओं ने जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने के लिये राजनैतिक नौटंकी शुरु कर दी है।

  • जगह जगह कैण्डल मार्च हो रहै हैं।
  • अपने दफतर में फाईलें निपटाने का बजाये शीला दिक्षित सडकों पर सम्मान मार्च निकाल कर पुलिस का समय बरबाद कर रही हैं।
  • साल 2013 को महिला सुरक्षा वर्ष के तौर पर मनाया जाये।
  • शशि थरूर का कहना है कि रेप कानून का नाम पडिता दामिनी से जोडा जाये। महाराष्ट्र सरकार मुम्बई में फ्लाईओवर का नाम दामिनी के नाम पर रख दे गी। अगर कुतब मीनार का नाम दामिनी मीनार रख दिया जाये तो क्या रेप समस्या हल हो जाये गी?
  • दिल्ली सरकार ने ‘मरणोपरान्त’ पीडिता को 15 लाख रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार 20 लाख रुपये अनुदान देने की घोषणा कर दी है। अगर इतनी राशि प्रत्येक रेप पीडिता को दी जाये गी तो शायद रेप ऐक अलग से ‘बिजनेस’ ही बन जाये गा। रेप पीडितों को कम्पनसेशन देने के बजाये बलात्कारियों को मृत्युदण्ड दो।

जरूरत है किः –

  • कानून को सख्ती से लागू किया जाय और न्यायिक परिक्रिया को सरल और तेज किया जाये।
  • पुरुष और महिलायें दोनो ही अपने लिबास, व्यवहार और आचार में अपने आप को स्वयं अनुशासित करें और असुरक्षित वातावरण में जाने से बचें। इस दुर्घटना को ‘स्त्री-पुरुष आधारित संघर्ष’ ना बनाया जाय।

घोटालों का वर्ष था, या रेप वर्ष था, दो हजार बारह भारत पे करस था

अब दो हजार तेरह  ‘भारत-वर्ष’ बना दो, संस्कृतिक-प्रतीक ‘भगवा’ फिर से लहरा दो।

चाँद शर्मा

Advertisements

Comments on: "नौटंकी छोडो, संस्कृति से नाता जोडो" (1)

  1. Great post! worth paying heed.

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

टैग का बादल